| Baujahr | 1922 |
| Hersteller | Sächsisiche Maschinenfabrik Hartmann AG ( Chemnitz ) |
| Fabrikationsnummer | 4523 |
| Achsfolge | 1´ D 1´ |
| Gattung | S 46.17 |
| Bauart | sä. XXHV "Sachsenstolz" |
| Eigentümer | Verkehrsmuseum Dresden |
| Museumsfahrzeug seit | 1972 / 1973 museal aufgearbeitet |
Technische Daten
| Länge über Puffer | ( mm ) | 22632 |
| Gesamtachsstand | ( mm ) | 19182 |
| Treibraddurchmesser | ( mm ) | 1905 |
| Laufraddurchmesser vorn | ( mm ) | 1065 |
| Laufraddurchmesser hinten | ( mm ) | 1261 |
| Höhe über SO | ( mm ) | 4550 |
| Leermasse Lok + Tender | ( t ) | 114,7 |
| Dienstmasse, volle Vorräte | ( t ) | 162,3 |
| Anzahl der Heizrohre | 156 | |
| Verdampfungsheizfläche | ( m2 ) | 227,05 |
| Rostfläche | ( m2 ) | 4,5 |
| Speiseeinrichtung | Oberflächenvorwärmer Bauart Knorr | |
| Kolbenspeisepumpe | 2 Dampfstrahlpumpen Bauart Friedmann | |
| großte Geschwindigkeit | ( km/h ) | 120 |
| ind. Leistung | ( PS ) | 2100 |
| Bremse | Druckluftbremse Bauart Westinghouse | |
| Achslast | ( t ) | 17 |
| max. Anzugskraft | ( Mp ) | 26,6 |
| Kesseldruck | ( kp/cm2 ) | 15 |
| Durchmesser HD-Zyl. | ( mm ) | 480 |
| Durchmesser ND-Zyl. | ( mm ) | 720 |
| Kolbenhub | ( mm ) | 630 |
| Kohlevorrat | ( t ) | 7,0 |
| Wasserkasteninhalt | ( m3 ) | 31 |
| Spurweite | ( mm ) | 1435 |
Auszug aus dem Betriebsbuch
| Anlieferung | am | 17.09.1922 | ||
| Probefahrt Chemnitz-Dresden | am | 22.09.1922 | ||
| Abnahme EAW Chemnitz | am | 24.09.1922 | ||
| Hhs Dresden Altstadt | vom | 25.09.1922 | bis | 13.10.1922 |
| Bw Stuttgart Rosenstein | vom | 14.10.1922 | bis | 23.10.1923 |
| EAW Leipzig | vom | 24.10.1923 | bis | 15.11.1923 |
| Bw Reichenbach | vom | 16.11.1923 | bis | ?? |
| BW Stuttgart Rosenstein | am | 31.10.1925 | bis | |
| EAW Leipzig | vom | 11.11.1925 | bis | 14.12.1925 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 15.12.1925 | bis | 17.11.1929 |
| Raw Leipzig | vom | 18.11.1929 | bis | 21.12.1929 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 22.12.1929 | bis | 30.05.1932 |
| Raw Zwickau | vom | 31.05.1932 | bis | 30.06.1932 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 01.07.1932 | bis | 09.02.1938 |
| Raw Zwickau | vom | 10.02.1938 | bis | 29.04.1938 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 30.04.1938 | bis | 10.02.1944 |
| Raw Zwickau | vom | 11.02.1944 | bis | 01.05.1944 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 02.05.1944 | bis | 09.08.1945 |
| Bw Chemnitz Hbf | vom | 10.08.1945 | bis | 17.09.1945 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 18.09.1945 | bis | 09.11.1945 |
| Bw Chemnitz Hbf | vom | 10.11.1945 | bis | 26.02.1946 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 27.02.1946 | bis | 24.10.1947 |
| Bw Dresden Altstadt, w abg. | vom | 25.10.1947 | bis | 31.05.1948 |
| Bw Dresden Altstadt | vom | 01.06.1948 | bis | 08.07.1951 |
| Raw Zwickau | vom | 09.07.1951 | bis | 30.09.1951 |
| Bw Halle P | vom | 05.10.1951 | bis | 29.07.1954 |
| Raw Zwickau | vom | 30.07.1954 | bis | 09.09.1954 |
| Bw Halle P | vom | 11.09.1954 | bis | 18.04.1958 |
| Raw Zwickau | vom | 19.04.1958 | bis | 30.06.1958 |
| Raw Halle / Bw Halle P | vom | 01.07.1958 | bis | 16.06.1961 |
| Raw Zwickau | vom | 17.06.1961 | bis | 18.08.1961 |
| Bw Halle P | vom | 19.08.1961 | bis | 23.08.1964 |
| Raw Halle | vom | 28.08.1964 | bis | 31.08.1964 |
| Bw Halle P | vom | 01.09.1964 | bis | 14.02.1965 |
| Bw Halle P, abgestellt warten auf L4 | vom | 15.02.1965 | am | 07.09.1966 |
| z-Protokoll | am | 08.09.1966 | ||
| Lokbf. Meuselwitz | vom | 03.01.1968 | bis | ?? |
| Ausmusterungsprotokoll | am | 11.08.1971 | ||
| Umsetzung an VMD | am | 01.08.1972 | ||
| Raw Meinigen | vom | 05.01.1973 | am | 10.08.1973 |
| ab 30.06.1960 Tender 38 P-10, SOMUA Venissieux-Rhone 1941/1912 |
| ab 10.08.1973 Tender SMF 1917/3973 aus 18 010 |
Von 1918 bis 1923 wurden 23 Exemplare der als "Sachsenstolz" bekannt gewordenen Lokomotive gebaut. Sie war speziell für den Einsatz auf der Strecke Görlitz-Hof konzipiert und bewährte sich dort gut.
Zum Zeitpunkt ihres Erscheinens galt die XXHV als leistungsfähigste und größte Schnellzuglokomotive auf dem europoäischen Festland. 1968 wurde die letzte Lok Br 19(0) ausgemustert. Als einziges Exemplar blieb die 19 017 erhalten. 1973 wurde sie unter Verwendung von Teilen der 18 010 museumsgerecht aufgearbeitet.
Webseite Lok 19 017 ( Rene Otto )


